CONTRIBUTOR

Kailash Manhar



सुप्रसिद्ध कवि कैलाश मनहर का जन्म 2 अप्रेल, 1954 को राजस्थान के मनोहरपुर में हुआ। जहाँ न पहुँचे रवि,वहाँ पहुँचे कवि की उक्ति को चरितार्थ करते हुए कैलाश मनहर ने अपनी कवितों के माध्यम से जीवन के हर पहलू का सूक्ष्म अंवेषण किया है। समयानुसार काव्य रचनाओं के विराट सृजन में अनेक महत्वपूर्ण व प्रासंगिक विषय उनकी काव्यधर्मिता से जुड़ते चले गए किंतु आम आदमी और उनसे जुड़े सरोकार उनकी कविताओं में सदैव प्रतिपाद्य विषय रहे।

कैलाश मनहर की कविताओं में शब्द स्थितिनुसार नि:सृत होते हैं जिन्हें पढ़ते समय लगता है जैसे कविता के आँचल में कोई घटना अपनी परिणति तक पहुँचने की कथा सुना रही हो। कैलाश मनहर की यही क़िस्सागोई पाठकों के औत्सुक्य को प्रबल करती है कि देखें, आगे क्या है....।

शब्दाडंबरों से परे कैलाश मनहर की यही सहजता और सरलता उन्हें पाठकों से जोड़ने में सेतु का काम करती है क्योंकि कविता तो जल की भाँति होती है, जितनी निर्मल...उतनी ही ग्राह्य।

कैलाश मनहर के काव्य-लेखन में अनेक मील के पत्थर हैं जिनमें- उदास आँखों में उम्मीद(2013), अवसाद-पक्ष(2010), सूखी नदी(2006), कविता की सहयात्रा में(1986), कविता संग्रह के अतिरिक्त, कुछ अन्य प्रतिनिधि रचनाएं जैसे- नमक की बात न करें, पुराना शहर, मैं कोई कविता लिख रहा हूँगा तथा रात का हाल मुझ से पूछ आदि शामिल हैं। कैलाश मनहर इसके अलावा एक ग़ज़लकार तो हैं ही, वे बाल-गीत और नाटक भी लिखते हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी कैलाश मनहर के कुछ वैचारिक लेख व संस्मरणात्मक रेखाचित्रों ने भी पाठकों पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है।


ALL POEMS



Kaavya aims to promote Indian languages, literature, art and darshan globally

Want to contribute?

Send your poem, short story, play, illustration to pemba@iarani.in

Join the community